भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा जारी "इरादतन चूककर्ताओं और बड़े चूककर्ताओं के व्यवहार पर मास्टर दिशानिर्देश" के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
- बैंकों और एनबीएफसी को 25 लाख रुपये और उससे अधिक की बकाया राशि वाले सभी गैर-निष्पादित परिसंपत्ति खातों में 'इरादतन चूक' / wilful default पहलू की जांच करने की आवश्यकता है।
- किसी उधारकर्ता को इरादतन चूककर्ता के रूप में वर्गीकृत करने की प्रक्रिया, खाते को एनपीए के रूप में वर्गीकृत किए जाने के 6 महीने के भीतर पूरी की जानी चाहिए।
- आरबीआई ने आदेश दिया है कि जानबूझकर कर्ज न चुकाने वालों/ इरादतन चूक को अतिरिक्त ऋण सुविधा देने पर प्रतिबंध, जानबूझकर कर्ज न चुकाने वालों की सूची (एलडब्ल्यूडी) से उनका नाम हटा दिए जाने के बाद पांच साल तक प्रभावी रहेगा।
1
केवल 1 और 2 सही हैं
2
केवल 2 और 3 सही हैं
3
केवल 1 और 3 सही हैं
4
सभी 1, 2 और 3 सही हैं
5
केवल 1 सही है