चल कुंडली धारामापी (MCG) पर विचार कीजिए:

A: चल कुंडली धारामापी में बल नियतांक का विमीय सूत्र [ML2T-2] है।

B: धारा सुग्राहिता बढ़ाने से वोल्टता सुग्राहिता आवश्यक रूप से नहीं बढ़ती है।

C: यदि हम फेरों की संख्या (N) को दोगुना (2N) कर देते हैं, तो वोल्टता सुग्राहिता दोगुनी हो जाती है।

D: MCG को धारामापी के साथ समानांतर में उच्च मान के शंट प्रतिरोध को जोड़कर ऐमीटर में परिवर्तित किया जा सकता है।

E: MCG की धारा सुग्राहिता कुंडली के फेरों की संख्या के व्युत्क्रमानुपाती होती है।

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

1
केवल A, B
2
केवल A, D
3
केवल B, D, E
4
केवल A, B, E
5
अनुत्तरित प्रश्न

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