निम्नलिखित में से किस मामले में, सर्वोच्च न्यायालय ने घरेलू हिंसा अधिनियम 2005 की धारा 2(f) में 'घरेलू संबंध' की परिभाषा को संबोधित किया।
1
संध्या मनोज वानखड़े बनाम मनोज भीमराव वानखड़े (2011)
2
वी.डी. भनोट बनाम सविता भनोट (2012)
3
डी. वेलुसामी बनाम डी. पचैअम्मल (2010)
4
इंद्र शर्मा बनाम वी.के.वी. शर्मा (2013)