पर्युषण पर्व (त्योहार) के दौरान जैन धर्मावलंबी वस्तुतः "संवत्सरी प्रतिक्रमण" का अभ्यास करते हैं। इस अभ्यास में क्या-क्या सम्मिलित है?
1
जैन मंदिरों में जाना और अनुष्ठान करना
2
अपने कार्यों पर विचार करना, क्षमा मांगना
3
भव्य दावतों और समारोहों में भाग लेना
4
सभी प्रकार के भोजन और जल से पूर्ण उपवास रखना