एक वृत्ताकार कुंडली में 70 संवृत रूप से कुंडलित फेरे हैं और इसकी त्रिज्या 10 cm है। 2 × 10-3 T परिमाण का एक बाह्य रूप से उत्पन्न चुंबकीय क्षेत्र कुंडली के लंबवत लगाया जाता है। कुंडली में धारा 2.2 A होने पर कुंडली के माध्यम से कुल अभिवाह नष्ट हो जाता है। तब कुंडली का प्रेरकत्व क्या होगा?

1
2 mH
2
mH
3
mH
4
1.5 mH

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