दो प्रेरक, जिनमें से प्रत्येक में 1 H का स्वप्रेरकत्व पाया जाता है, समानांतर क्रम में इस तरह से जुड़े हुए हैं कि उनके फ्लक्स एक ही दिशा में कार्य करते हैं। यदि इनका अन्योन्य प्रेरकत्व 0.5 H हो, तो इनमे समान्तर संयोजन के समतुल्य प्रेरकत्व का मान ज्ञात कीजिए।
1
2.25 H
2
0.75 H
3
1.75 H
4
1.25 H