निर्देश: निम्नलिखित गद्यांश को पढ़िए और दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
"भारतीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी का इतिहास" परियोजना पूरे इतिहास में भारतीय वैज्ञानिकों और प्रौद्योगिकीविदों के योगदान और उपलब्धियों का दस्तावेजीकरण करने की एक पहल है। यह परियोजना अन्य संस्थानों और संगठनों के सहयोग से भारत में शिक्षा मंत्रालय के तहत एक स्वायत्त संगठन, भारतीय ऐतिहासिक अनुसंधान परिषद (ICHR) द्वारा शुरू की जा रही है। इस परियोजना का उद्देश्य प्राचीन काल से लेकर आज तक भारत में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के इतिहास का एक व्यापक और सटीक विवरण प्रदान करना है। वैज्ञानिक क्षेत्रों की एक विस्तृत श्रृंखला में, यह भारत को "विश्व गुरु" के रूप में स्थापित करना चाहता है। इसमें गणित, खगोल विज्ञान, चिकित्सा, रसायन विज्ञान, इंजीनियरिंग और अन्य जैसे विभिन्न क्षेत्रों में भारतीय वैज्ञानिकों और प्रौद्योगिकीविदों के योगदान का दस्तावेजीकरण शामिल है। इस परियोजना का उद्देश्य उन सांस्कृतिक और सामाजिक संदर्भों को भी उजागर करना है जिनमें ये योगदान किए गए थे, साथ ही विश्व स्तर पर विज्ञान और प्रौद्योगिकी के विकास पर इन योगदानों के प्रभाव को भी उजागर करना है। संगठन ने इस विषय पर कई किताबें और लेख भी प्रकाशित किए हैं और भारतीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी के इतिहास से संबंधित प्राथमिक और माध्यमिक स्रोतों तक पहुंच प्रदान करने के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल की स्थापना की है। कुल मिलाकर, "भारतीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी का इतिहास" परियोजना भारत में वैज्ञानिक और तकनीकी उपलब्धियों की समृद्ध विरासत को संरक्षित और बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।