नीचे दिए गए परिच्छेद को पढ़िए और प्ररिच्छेद के नीचे आने वाले प्रश्‍नांशों के उत्तर दीजिए। इन प्रश्‍नांशों के लिए आपके उत्तर केवल इन परिच्छेद पर ही आधारित होने चाहिए।

नैसर्गिक राज्य में ऐसा कुछ भी विद्यमान नहीं हो सकता, जिसे सामान्य सहमति से अच्छा या बुरा कहा जा सके, क्‍योंकि प्रत्येक व्यक्ति जो नैसर्गिक राज्य में रहता है, वह केवल अपने ही लाभ का ध्यान रखता है, और अपनी पसंद के अनुसार तथा जहाँ तक कि उसके अपने लाभ का संबंध है, अच्छे या बुरे का निर्णय करता है, और स्वयं को किसी भी विधि (लॉ) के अंतर्गत अपने सिवा अन्य किसी के प्रति उत्तरदायी नहीं मानता है; और इसलिए, नैसर्गिक राज्य में अपराध की कल्पना नहीं की जा सकती, केवल सिविल राज्य में ही ऐसा संभव है, जहाँ सामान्य ,सहमति से अच्छे या बुरे का निर्णय किया जाता है, और प्रत्येक व्यक्ति स्वयं को राज्य के प्रति उत्तरदायी मानता है।

निम्नलिखित में से कौन-सा कथन उपर्युक्त परिच्छेद के मूल विचार को सर्वोत्तम रूप से दर्शाता है ?

1
क्‍या सही या ग़लत है - ये अवधारणाएँ राज्य के निर्माण के कारण अस्तित्व में हैं।
2
क्या सही या ग़लत है - इस बारे में जब तक कोई शासक प्राधिकारी निर्णय नहीं लेता, कोई भी व्यक्ति नैतिक रूप से सही नहीं हो सकता। 
3
नैसर्गिक राज्य में व्यक्ति स्वाभाविक रूप से अनैतिक और स्वार्थी होता है।
4
क्या सही या ग़लत है - यह विचार मानव जाति की उत्तरजीविता के लिए आवश्यक है।

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