माता-पिता या अभिभावकों के ‘मौलिक कर्त्तव्य’ क्या है?
1
शैशवावस्था से 6 महीने तक के बच्चों की देख-भाल, सहायता और पोषण करना।
2
6-14 वर्ष के बीच के अपने बच्चों को शिक्षा के अवसर प्रदान करना।
3
16-18 वर्ष के बीच अपने बच्चों की शादी करना।
4
18-21 वर्ष के बीच वाले अपने बच्चों को विरासत में मिली संपत्ति उपहार में देना।