निम्नलिखित परिच्छेद को पढ़िए और उत्तर दीजिए। इन प्रश्नों के लिए आपके उत्तर केवल परिच्छद पर आधारित होने चाहिए।
हमारे नगरों की योजना में ऐतिहासिक रूप से कामगार और निर्धन लोगों के हितों की उपेक्षा की जाती रही है। हमारे नगर वर्धमान रूप से असहिष्णु, असुरक्षित और अधिसंख्य नागरिकों के लिए न रहने योग्य स्थान बनते जा रहे हैं, फिर भी हमने पुराने तरीकों- स्थिर विकास योजना - से ही योजना बनाना जारी रखा है, जो लोगों के जीवन अनुभवों और आवश्यकताओं से दूरी बनाए रखते हुए, और बहुत सारे लोगों, स्थानों, कार्यकलाप और प्रथाओंको, जो किसी नगर का अभिन्न भाग होते हैं, सक्रिय रूप से शामिल न करते हुए, अनन्यत: तकनीकी विशेषज्ञता से लिए जाते हैं।
यह प्रतीत होता है कि इस परिच्छेद में
1
भवन निर्माताओं के एकाधिकार और संभ्रांत समूहों के हितों के विरुद्ध तर्क प्रस्तुत किया गया है।
2
विश्वस्तरीय और सुव्यवस्थित (स्मार्ट) नगरों की आवश्यकता के विरुद्ध तर्क प्रस्तुत किया गया है।
3
मुख्य रूप से कामगार वर्ग और निर्धन लोगों के लिए नगरों की योजना बनाने के पक्ष में तर्क प्रस्तुत किया गया है।
4
नगर योजना में जनता के समूहों की भागीदारी के पक्ष में तर्क प्रस्तुत किया गया है।