गोमा - मीणा, कालू- कीर, कानगूजरी, मियांवड़ व नाहर आदि-
1
गवरी के पात्र हैं, जो नृत्य में निपुण हैं।
2
छोटी नाटिकाएँ हैं, जिनका मंचन गवरी उत्सव में किया जाता है।
3
गवरी उत्सव के पात्र हैं, जो वाद्ययंत्र बजाते हैं।
4
गवरी नाट्य के प्रमुख वाद्ययंत्र है।
5
अनुत्तरित प्रश्न