आर्सेनिक प्रदूषण और इसके स्वास्थ्य जोखिमों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
कथन I: पेयजल में आर्सेनिक के लिए WHO की अनंतिम दिशानिर्देश सीमा 10 माइक्रोग्राम प्रति लीटर (μg/L) है।
कथन II: आर्सेनिक और इसके यौगिकों को मनुष्यों के लिए कार्सिनोजेनिक के रूप में वर्गीकृत नहीं किया जाता है और जल के संपर्क से कोई दीर्घकालिक स्वास्थ्य खतरा नहीं है।
उपरोक्त कथनों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा सही है?
1
कथन I और कथन II दोनों सही हैं, और कथन II, कथन I के लिए सही स्पष्टीकरण है।
2
कथन I और कथन II दोनों सही हैं, लेकिन कथन II, कथन I के लिए सही स्पष्टीकरण नहीं है।
3
कथन I गलत है, लेकिन कथन II सही है।
4
कथन I सही है, लेकिन कथन II गलत है।