निम्नलिखित प्रश्नांश के लिए निर्देश : नीचे दिए गए परिच्छेद को पढ़िए और परिच्छेद के नीचे आने वाले प्रश्नांशों के उत्तर दीजिए। इन प्रश्नांशों के लिए आपके उत्तर केवल इन परिच्छेद पर आधारित होने चाहिए।
दुर्भाग्यवश हमारे देश में परीक्षाओं के लिए शिक्षण और शिक्षा-प्राप्ति ही हमारी विशिष्टता हो गई है। किन्तु, समाज की नई माँगों और भविष्य के कार्यक्षेत्र के लिए समीक्षात्मक और स्वतंत्र चिंतन, कार्यकलाप से सीखने, उसी मुद्दे पर बहु-विद्या परिप्रेक्ष्यों से प्रश्न पूछने तर्क निर्माण के लिए साक्ष्यों का उपयोग करने, और चिंतन और सुव्यक्तता की अपेक्षा है। उच्च शिक्षा को "या तो सरकारी नीतियों का मात्र अनुचर या लोक मनःस्थिति का निष्क्रिय उत्तरदाता” नहीं होना चाहिए। उच्च शिक्षा प्राप्ति पूरी तौर पर यह है, कि कैसे चिंतन किया जाए, न कि क्या चिंतन किया जाए। शिक्षण का पुनराविष्कार आवश्यक है।
उपर्युक्त परिच्छेद के सन्दर्भ में निम्नलिखित पूर्वधारणाएँ बनाई गई हैं:
I. उच्च शिक्षा सतत विकसित होने वाला विषय है, जिसे समाज के सभी क्षेत्रों में हो रहे नए विकास के साथ पंक्तिबद्ध होने की आवश्यकता है।
II. हमारे देश में, उच्च शिक्षा के संवर्धन के लिए पर्याप्त निधियों का विनिधान नहीं किया जाता।
उपर्युक्त पूर्वधारणाओं में से कौन-सी वैध है / है ?