निम्नलिखित प्रश्नांश के लिए निर्देश : नीचे दिए गए परिच्छेद को पढ़िए और परिच्छेद के नीचे आने वाले प्रश्नांशों के उत्तर दीजिए। इन प्रश्नांशों के लिए आपके उत्तर केवल इन परिच्छेद पर आधारित होने चाहिए।
स्वतंत्र भारत में कृषि क्षेत्र की निराशाजनक वास्तविकताओं में से एक यह रही है, कि इसमें कभी भी उच्च संवृद्धि की स्थिति नहीं आई, जैसा कि ग़ैर-कृषि अर्थव्यवस्था में हुआ। कृषि के लिए उच्चतम दशकीय संवृद्धि (चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर या CAGR) 1980 के दशक में मात्र 3-5% रही है। यद्यपि 1980 के दशक के दौरान दशकीय संवृद्धि में एक उछाल आया, तथापि उसके उपरान्त कृषि संवृद्धि में अपेक्षाकृत गतिरोध ही बना रहा। यहाँ गैर-कृषि संवृद्धि के, जो कि 1980 से 2000 तक के दशकों में लगातार बढ़ती रही है, ठीक विपरीत एक सुस्पष्ट विषमता दिखाई देती है।
उपर्युक्त परिच्छेद के सन्दर्भ में, निम्नलिखित पूर्वधारणाएँ बनाई गई हैं :
भारत में कृषि और गैर-कृषि अर्थव्यवस्था के बीच बढ़ते हुए अंतर को निम्नलिखित में से किसके / किनके द्वारा रोका /कम किया जा सकता था ?
I. बड़े पैमाने पर वाणिज्यिक फ़सलों की कृषि और लाभप्रद निगम कृषि (कॉर्पोरेट फार्मिंग) को अनुकूलित करना।
II. सभी फ़सलों के लिए निःशुल्क बीमा उपलब्ध कराना और बीजों, उर्वरकों, बिजली और कृषि मशीनों में विकसित देशों के समान भारी उपदान (सब्सिडी) प्रदान करना ।
उपर्युक्त पूर्वधारणाओं में से कौन-सी वैध है / हैं ?