आघूर्णों के सिद्धान्त के अनुसार-

1
यदि समतलीय बलों का निकाय संतुलन में है, तो उनका बीजगणितीय योग शून्य होता है।
2
किसी भी बिंदु पर लगने वाले किसी भी दो बलों के आघूर्णों का बीजगणितीय योग, उस बिंदु पर परिणामी आघूर्ण के बराबर होता है।
3
धनात्मक और ऋणात्मक बलयुग्म संतुलित हो सकते हैं।
4
यदि समतलीय बलों का निकाय संतुलन में है तो उस तल में स्थित किसी बिंदु के सापेक्ष उनके आघूर्णों का बीजगणितीय योग शून्य होता है।

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