ब्रह्म समाज के सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
1. राजा राम मोहन राय के इस आंदोलन ने मूर्तिपूजा और अंधविश्वास का विरोध करके हिंदू धर्म में सुधार की मांग की।
2. आंदोलन के अनुयायियों ने वेदों और उपनिषदों की शिक्षाओं का खंडन किया।
3. इस परंपरा को देवेंद्रनाथ टैगोर और केशुब चंद्र सेन ने आगे बढ़ाया।
उपरोक्त में से कौनसा/कौनसे कथन सही है/हैं?
1
केवल 1 और 2
2
केवल 2 और 3
3
केवल 1 और 3
4
1, 2 और 3
5
अनुत्तरित प्रश्न