समाजशास्त्र का वह दृष्टिकोण जो सामाजिक संबंध के स्वरूप के विश्लेषण तथा भिन्न-भिन्न मामलों के तुलनात्मक अध्ययन के महत्व पर बल देता है, जबकि स्वरूप स्थिर रहता है, वह है
1
औपचारिकतावाद
2
प्रतीकात्मक अंतःक्रियावाद
3
तुलनात्मक समाजशास्त्र
4
समाजशास्त्र का कृत्रिम दृष्टिकोण
5
अनुत्तरित प्रश्न