निम्नलिखित वक्र किसी अभिक्रिया की बलगतिकी को दर्शाता है।
शून्य और प्रथम कोटि की अभिक्रियाओं के लिए y और x अक्ष क्रमशः हैं
1
शून्य-कोटि (y = दर और x = सांद्रता), प्रथम कोटि (y = दर और x = t½)
2
शून्य-कोटि (y = सांद्रता और x = समय), प्रथम कोटि (y = t½ और x = सांद्रता)
3
शून्य-कोटि (y = सांद्रता और x = समय), प्रथम कोटि (y = दर स्थिर और x = सांद्रता)
4
शून्य-कोटि (y = दर और x = सांद्रता), प्रथम कोटि (y = t½ और x = सांद्रता)