मूलबिंदु के परितः उस बल \((2 \hat{i}+\hat{\mathrm{j}}+2 \hat{\mathrm{k}})\) के कारण बलाघूर्ण क्या होगा, जो एक कण पर कार्यरत है जिसका स्थिति सदिश \((\hat{i}+\hat{j}+\hat{k})\) है?
1
\((\hat{i}-\hat{j}+\hat{k})\)
2
\((\hat{i}+\hat{k})\)
3
\((\hat{i}-\hat{k})\)
4
\((\hat{j}-\hat{k})\)