प्राथमिक स्तर पर प्रतिरूप पहचान एवं पूर्वानुमान पर विशेष बल दिया जाना चाहिए, क्योंकि
1
ऐसे अभ्यास गणित में विवेचन कौशल को प्रोत्साहित करते हैं।
2
बच्चों को सृजन कला में व्यस्त रखते हैं।
3
यह बच्चों को प्रतियोगात्मक परीक्षाओं के लिए तैयार करते हैं।
4
प्रतिरूपों को सीखना आसान है।