अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में सामाजिक रचनावाद पर निम्नलिखित कथनों पर विचार करें और सही उत्तर चुनें:
कथन 1: सामाजिक रचनावाद का मानना है कि अंतर्राष्ट्रीय संबंध विशुद्ध रूप से भौतिक कारकों के बजाय सामाजिक रूप से निर्मित विचारों, मानदंडों और पहचानों से आकार लेते हैं।
कथन 2: यह अंतर्राष्ट्रीय क्षेत्र में राज्यों की धारणाओं और व्यवहारों को आकार देने में भाषा, प्रवचन और संचार की भूमिका पर प्रकाश डालता है।
कथन 3: सामाजिक रचनावाद का तर्क है कि राज्यों के हित और कार्य अंतर्राष्ट्रीय प्रणाली की संरचना द्वारा पूर्व निर्धारित नहीं होते हैं, बल्कि अन्य अभिनेताओं के साथ बातचीत के माध्यम से निर्मित होते हैं।
1
कथन 1 और 2 सत्य हैं, लेकिन कथन 3 असत्य है।
2
कथन 1 और 3 सत्य हैं, लेकिन कथन 2 असत्य है।
3
कथन 2 और 3 सत्य हैं, लेकिन कथन 1 असत्य है।
4
सभी कथन सत्य हैं।