- कुह्न का वैज्ञानिक क्रांतियों का मॉडल भूगोल पर भी लागू होता है, जहां प्रतिमानात्मक बदलावों ने मात्रात्मक क्रांति और आलोचनात्मक भूगोल जैसे चरणों के माध्यम से इस विषय को पुनः परिभाषित किया है।
- मात्रात्मक क्रांति ने गणितीय मॉडलिंग पर मानव धारणा पर जोर दिया, जिसने व्यवहारिक भूगोल का मार्ग प्रशस्त किया।
- भूगोल में उत्तर आधुनिक दृष्टिकोणों ने स्थानिक विश्लेषण के भीतर शक्ति गतिकी, सामाजिक न्याय और लिंग के आलोचनात्मक मूल्यांकन पेश किए हैं।
कौन से कथन सही हैं?
1
1 और III
2
I और II
3
II और III
4
सभी कथन