निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए
a) एक अंतरिक्ष यात्री अंतरतारकीय अंतरिक्ष (इंटरस्टेलर स्पेस) में 100 m s-2 की नियत दर से गतिमान अपने छोटे अंतरिक्ष यान से दुर्घटनावश अलग हो जाता है। एक बार जब वह अंतरिक्ष यान से अलग हो जाता है, तो अंतरिक्ष यात्री पर लगने वाला कार्यरत शुद्ध बल शून्य होता है।
(मान लीजिए कि उस पर गुरुत्वीय बल लगाने के लिए पास में कोई तारा नहीं है।)
b) एक ही बल एक ही समय के लिए विभिन्न पिंडों के संवेग में समान परिवर्तन का कारण बनता है।
c) संवेग की दिशा बदलने के लिए बल आवश्यक नहीं है, भले ही इसका परिमाण नियत हो।
उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
1
a और b
2
a और c
3
b और c
4
a, b और c
5
अनुत्तरित प्रश्न