Comprehension Passage

निर्देश: निम्नलिखित परिच्छेद को पढ़ें और नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

1919 से 1939 तक भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन भारत के स्वतंत्रता संग्राम में एक महत्वपूर्ण अवधि थी। 1920 में, ब्रिटिश शासन के खिलाफ व्यापक विद्रोह के रूप में असहयोग आंदोलन प्रारम्भ किया गया था। राष्ट्रव्यापी अभियान का नेतृत्व महात्मा गांधी ने किया था और इसमें मुख्य रूप से ब्रिटिश उपाधियों और सम्मानों का त्याग, सरकारी शैक्षणिक संस्थानों, कानून अदालतों, विदेशी वस्तुओं और अंग्रेजों के तत्वावधान में होने वाले चुनावों का बहिष्कार शामिल था। 1930 के दशक ने राष्ट्रीय आंदोलन में एक और मील का पत्थर स्थापित किया: सविनय अवज्ञा आंदोलन। गांधीजी के नेतृत्व में ऐतिहासिक दांडी मार्च की शुरुआत हुई, इसने ब्रिटिश द्वारा लगाए गए नमक कानूनों को सीधे चुनौती दी। इस युग में राष्ट्रीय चेतना और स्वतंत्र भारत की नींव तैयार करने में महत्वपूर्ण प्रगति हुई।

1930 के दशक में सविनय अवज्ञा आंदोलन को शुरू करने वाला प्राथमिक कारण क्या था?

1
साइमन कमीशन का विरोध करना।
2
अंग्रेजों द्वारा थोपे गए नमक कानून का विरोध करना।
3
बंगाल विभाजन का विरोध करना।
4
ब्रिटिश वस्तुओं के उपभोग को प्रोत्साहित करना।

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