Comprehension Passage
निर्देश: निम्नलिखित परिच्छेद को पढ़िए और नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
भौतिकी में कार्य-ऊर्जा-शक्ति की अवधारणा विभिन्न घटनाओं को समझने के लिए महत्वपूर्ण है। कार्य से तात्पर्य किसी दूरी पर बल की क्रिया से है, जिसके परिणामस्वरूप ऊर्जा स्थानांतरण या परिवर्तन होता है। ऊर्जा, एक प्रणाली की आंतरिक संपत्ति, विभिन्न रूपों में मौजूद हो सकती है जैसे- गतिज ऊर्जा (गति के कारण) और स्थितिज ऊर्जा (स्थिति या स्थिति के कारण)। शक्ति को उस दर के रूप में परिभाषित किया जाता है जिस पर कार्य किया जाता है या ऊर्जा रूपांतरित की जाती है। इन सिद्धांतों को समझने से हमें यह समझने में मदद मिल सकती है कि मशीनें कैसे कार्य करती हैं, विभिन्न प्रक्रियाओं में ऊर्जा कैसे परिवर्तित होती है और इन प्रक्रियाओं की दक्षता क्या है।
भौतिकी के संदर्भ में, शक्ति को कैसे परिभाषित किया जाता है?
1
बल एवं विस्थापन का गुणनफल।
2
किसी उपकरण द्वारा उपभोग की गई ऊर्जा की कुल मात्रा।
3
वह दर जिस पर कार्य किया जाता है या ऊर्जा स्थानांतरित की जाती है।
4
किसी उपकरण द्वारा विद्युत धारा के प्रवाह के प्रति प्रस्तुत प्रतिरोध।