मेघालय में विज्ञान की शिक्षिका कैशा अपनी नौवीं कक्षा में "ऊर्जा के रूपों" की अवधारणाओं की व्याख्या करना चाहती थी। आने वाले दिनों में उनके शहर के पास एक "आदिवासी मेला" आयोजित किया जाना था जहां विभिन्न आदिवासी समुदाय आएंगे और अपनी प्रतिभा, पारंपरिक उपकरण, युद्ध तकनीक, संगीत इत्यादि का प्रदर्शन करेंगे। कैशा ने सोचा कि यह एक रोमांचक घटना होगी और शिक्षार्थी ऊर्जा के विभिन्न रूपों के कुछ उदाहरणों के साथ-साथ बहुत कुछ सीखने में सक्षम होंगे। शिक्षिका द्वारा किस शिक्षार्थी-केंद्रित विधि का उपयोग किया गया है?
1
सहयोगात्मक अधिगम
2
प्राकृतिक अन्वेषण
3
अनुमानी विधि
4
जाँच परियोजनाएं