बच्चे विद्यालय में विभिन्न अनुभवों के साथ आते हैं। एक शिक्षक को-
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बच्चों के गणित के अनुभववादी अनौपचारिक ज्ञान और विद्यालय के गणित को जोड़ने का प्रयास करना चाहिए।
2
इसके बारे में चिंतित नही होना चाहिए क्योंकि बच्चों के अनुभव गणित से सबंधित नहीं हैं।
3
इनकी उपेक्षा करनी चाहिए क्योंकि विद्यालय के बाहर का गणित, विद्यालय में करवाए गए गणित से बहुत अलग होता है।
4
बच्चों का ध्यान केवल पाठ्यपुस्तकों पर एकाग्रित करना चाहिए।