राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा 2005, आकलन की अपरिष्कृत विधियों को गणित शिक्षण-अधिगम की प्रमुख समस्या के रूप में पहचान करता है। निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस संदर्भ में सबसे कम उपयुक्त है ?
1
आकलन की अपरिष्कृत विधियाँ गणित को यांत्रिक गणनाओं के रूप में देखने के दृष्टिकोण को बढ़ावा देती हैं।
2
आकलन की अपरिष्कृत विधियाँ गणित को लेकर डर व असफलता का भाव उत्पन्न करती हैं।
3
गणित में आकलन की विधियों में विद्यार्थियों को प्रतिपुष्टि प्रदान करने का व्यापक दायरा है।
4
गणित में आकलन की विधियों के कारण अधिकांश विद्यार्थी गणित की माँगों को पूरा करने में स्वयं को कमज़ोर तथा अयोग्य पाते हैं।