नीचे दिए गये विकल्पों से 'अहेतुक प्रेरक' के बारे में सही कथन की पहचान कीजिए।
1
यह एक जीन के उन्नायक क्षेत्र के साथ जुड़ सकता है परन्तु जीन अभिव्यक्ति को सुगम नहीं बना सकता है।
2
आइसोप्रोपिल थायोगैलेक्टोसाइड (IPTG) लैक्टोज जैसा दिखाई देता है।
3
मुख्य प्रेरक अणुओं के साथ अहेतुक प्रेरक के आबंधित हो जाने के पश्चात् जीन को अभिव्यक्ति किया जा सकता है।
4
यह प्रेरक अणु जैसा दिखाई देता है परन्तु इसकी जीन अभिव्यक्ति में कोई भूमिका नहीं होती है।