परिभ्रमण त्रिज्या को परिभाषित किया गया है-
1
यह बिंदु से घूर्णन अक्ष तक की त्रिज्य दूरी है जहां निकाय के पूरे द्रव्यमान को समान रूप से वितरित किया जाना है, ताकि प्रणाली का जड़त्व आघूर्ण स्थिति के समान हो।
2
यह बिंदु से घूर्णन अक्ष तक की त्रिज्य दूरी है जहां निकाय के पूरे द्रव्यमान को समान रूप से सकेंद्रित होना है, ताकि प्रणाली का जड़त्व आघूर्ण स्थिति के समान हो।
3
यह घूर्णन अक्ष के अनुरूप एक बिंदु का जड़त्व आघूर्ण है जहां निकाय के पूरे द्रव्यमान को सकेंद्रित किया जाना है, ताकि प्रणाली का जड़त्व आघूर्ण स्थिति के समान हो।
4
यह घूर्णन अक्ष के अनुरूप एक बिंदु का जड़त्व आघूर्ण है जहां निकाय के पूरे द्रव्यमान को समान रूप से वितरित किया जाना है, ताकि प्रणाली का जड़त्व आघूर्ण स्थिति के समान हो।