m द्रव्यमान का एक कण बल स्थिरांक k एवं अतानित लम्बाई l वाली एक हल्की कमानी (spring) के एक छोर से जुड़ा हुआ है। कमानी का दूसरा छोर बद्ध है। इस निकाय को कोणीय गति ω देकर कमानी के बद्धछोर के चारों ओर घुमाया जाता है और यह कण गुरुत्वाकर्षण मुक्त क्षेत्र में एक वृत्त में घूमने लगता है। इस स्थिति में कमानी में होने वाला खिंचाव है :
1
\(\frac{\mathrm{m} l \omega^2}{\mathrm{k}+\mathrm{m} \omega^2}\)
2
\(\frac{\mathrm{m} l \omega^2}{\mathrm{k}-\mathrm{m} \omega^2}\)
3
\(\frac{\mathrm{m} l \omega^2}{\mathrm{k}+\mathrm{m} \omega}\)
4
\(\frac{\mathrm{m} l \omega^2}{\mathrm{k}-\mathrm{\omega} m}\)