दो पोलेरॉइड P1 तथा P2 को इस प्रकार रखा गया है कि, इनकी अक्ष आपस में लम्बवत् हैं। P1 पर आपतित अध्रुवित प्रकाश की तीव्रता I0 है। P1 और P2 के बीच में एक अन्य पोलेरॉइड P3 को इस प्रकार रखा जाता है कि इसकी अक्ष P1 की अक्ष से 45° का कोण बनाती है। तो, P2 से पारगत प्रकाश की तीव्रता है :
1
\(\frac{I_{0}}{16}\)
2
\(\frac{I_{0}}{2}\)
3
\(\frac{l_{0}}{4}\)
4
\(\frac{I_{0}}{8}\)