सुचालक तार से त्रिज्या a का एक छोटे वृत्ताकार छल्ले
में विद्युत धारा I बह रही है। इसे एक एकसमान चुम्बकीय क्षेत्र B (जो कि इसके समतल के लम्बवत है) में इस प्रकार रखा जाता है कि जब इसे इसके व्यास के सापेक्ष थोड़ासा घुमाकर छोड़ा जाय तो यह आवर्तकाल T की सरल आवर्त गति करने लगता है। यदि छल्ले का द्रव्यमान m हो तो:
1
\(\mathrm{T}=\sqrt{\frac{2 \mathrm{~m}}{\mathrm{IB}}}\)
2
\(\mathrm{T}=\sqrt{\frac{\pi \mathrm{m}}{\mathrm{IB}}}\)
3
\(\mathrm{T}=\sqrt{\frac{2 \pi \mathrm{m}}{\mathrm{IB}}}\)
4
\(\mathrm{T}=\sqrt{\frac{\pi \mathrm{m}}{2 \mathrm{IB}}}\)