लारेन्स कोहलबर्ग के अनुसार नैतिक विकास की वह अवस्था जिसमें लोग सामाजिक मानदण्डों के अनुसार व्यवहार करते हैं, को कहा गया है-
1
नैतिकता का पूर्व परम्परागत स्तर
2
नैतिकता का परम्परागत स्तर
3
नैतिकता का पश्च परम्परागत स्तर
4
नैतिकता का गैर परम्परागत स्तर