पेरियार का गैर ब्राह्मण आंदोलन _________विचारधारा पर आधारित था।
1
सर्वप्रथम व्यक्ति को स्वयं का सम्मान करना चाहिए ताकि दूसरे भी हमें सम्मान दें।
2
स्वयं को धार्मिकता से मुक्त करना क्योंकि सभी असमानताओं को ईश्वर की देन के रूप में प्रोत्साहित किया गया था।
3
सामाजिक असमानताओं के विरोध के तौर पर ग्रंथों/ अभिलेखों में जो कहा गया है उसके विपरीत करना।
4
एक नए धर्म के उदय को बढ़ावा देना जो समावेशी हो तथा व्यक्तियों के लिए सम्मानजनक हो।