पंचायत को समय-समय पर यह प्रमाणित करना होगा कि उन्होंने निर्धारित प्रारूप में निर्धारित दिशानिर्देशों के अनुसार राशि खर्च की है। ऐसे निर्धारित प्रारूप को कहा जाता है-
1
संसाधन जुटाने का प्रमाणपत्र
2
संसाधन आवंटन प्रमाणपत्र
3
उपयोगिता प्रमाणपत्र
4
इनमे से कोई नहीं