ऐतिहासिक दृष्टिकोण के विकास में, 'सबाल्टर्न स्टडीज' की अवधारणा ऐतिहासिक आख्यानों में पारंपरिक रूप से हाशिए पर रहने वाले लोगों के परिप्रेक्ष्य से इतिहास को समझने की दिशा में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में उभरी। निम्नलिखित में से किस विद्वान को सबाल्टर्न अध्ययन समूह का नेतृत्व करने का श्रेय दिया जाता है, जिसका लक्ष्य 'सबाल्टर्न' या उत्पीड़ित वर्गों के परिप्रेक्ष्य से भारत के इतिहास को फिर से लिखना था?
1
बिपन चंद्रा
2
रोमिला थापर
3
रणजीत गुहा
4
इरफ़ान हबीब