न्याय के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- न्याय पूरी तरह से गलत ठहराए गए कार्यों के लिए प्रतिशोध और सजा का मामला है।
- न्याय का अर्थ केवल निष्पक्ष सुनवाई सुनिश्चित करना और कानूनों को लागू करना है, चाहे उनका प्रकरण कुछ भी हो।
- न्याय को तर्कसंगत व्यक्तियों द्वारा किए गए एक सामाजिक अनुबंध के रूप में सबसे अच्छा माना जाता है।
- न्याय व्यक्तिगत अधिकारों, सामाजिक समानता, जिम्मेदारियों और निष्पक्षता सहित विभिन्न कारकों का एक जटिल परस्पर क्रिया है।
इनमें से कौन सा कथन समकालीन दार्शनिक प्रवचन में न्याय की सूक्ष्म, बहुआयामी समझ को सबसे अच्छी तरह दर्शाता है?
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कथन 1
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कथन 2
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कथन 3
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कथन 4