"कानूनी संबंधों के साथ-साथ राज्य के रूपों को न तो स्वयं समझा जा सकता है, न ही मानव मन की तथाकथित सामान्य प्रगति से समझाया जा सकता है, बल्कि वे जीवन की स्थितियों में निहित हैं।" निम्नलिखित में से किसने यह कहा था?
1
इरविंग फिशर
2
पीटर क्रोपोटकिन
3
कार्ल मार्क्स
4
जॉन मेनार्ड कीन्स
5
अनुत्तरित प्रश्न