तुलनात्मक राजनीति में संस्कृतिवादी दृष्टिकोण की निम्नलिखित में से कौन सी प्रमुख आलोचना है?
1
यह राजनीतिक कर्ताओं द्वारा तर्कसंगत, स्वार्थी व्यवहार की भूमिका पर पर्याप्त रूप से विचार करने में विफल रहता है।
2
यह राजनीतिक संस्थाओं के औपचारिक, अवलोकनीय पहलुओं पर अधिक ध्यान केंद्रित करता है तथा अनौपचारिक संस्थाओं और प्रथाओं की उपेक्षा करता है।
3
यह गुणात्मक, व्याख्यात्मक तरीकों पर बहुत अधिक निर्भर करता है तथा इसके दावों के कठोर अनुभवजन्य परीक्षण का अभाव है।
4
यह धारणा अत्यधिक नियतिवादी है कि सांस्कृतिक कारक सीधे तौर पर राजनीतिक परिणामों को आकार देते हैं।
5
अनुत्तरित प्रश्न