कोई विद्युत्-चुम्बकीय तरंग किसी माध्यम में वेग \(\vec{V}\) = vî से गमन कर रही है। किसी क्षण इस विद्युत्-चुम्बकीय तरंग का विद्युत्-क्षेत्र दोलन +y अक्ष के अनुदिश है। तब इस विद्युत्-चुम्बकीय तरंग के चुम्बकीय क्षेत्र दोलन की दिशा होगी
1
–z दिशा
2
+z दिशा
3
–x दिशा
4
–y दिशा