0.1 μm व्यास के किसी सुईछित्र द्वारा प्राप्त उस विवर्तन पैटर्न पर विचार कीजिए जो सूर्य के प्रकाश के आपतित होने पर बनता है। यदि इस सुईछित्र के व्यास में थोड़ी वृद्धि कर दें तो यह विवर्तन स्वरूप को इस प्रकार प्रभावित करेगा कि विवर्तन स्वरूप के:
1
आकार में वृद्धि होगी तथा तीव्रता में वृद्धि होगी।
2
आकार में वृद्धि होगी परन्तु तीव्रता घटेगी।
3
आकार घटेगा परन्तु तीव्रता में वृद्धि होगी।
4
आकार घटेगा तथा तीव्रता घटेगी।