Teaching HTET PGT Level 3 - 2024 Mock Test Physics Moving Charges and Magnetism Solenoids and Toroids
किसी लम्बी परिनालिका का व्यास 0.1 m है। इसमें तार के फेरों की संख्या 2 × 104 प्रति मीटर है। इसके केन्द्र पर 0.01 m त्रिज्या तथा 100 फेरों वाली एक कुंडली इस प्रकार रखी है कि दोनों की अक्ष संपाती हैं। परिनालिका से प्रवाहित होने वाली विद्युत धारा का मान एक स्थिर दर से कम होता जाता है और 0.05 में 4 A से शून्य हो जाता है। यदि, कुंडली का प्रतिरोध 10π2Ω है तो, इस अन्तराल में कुंडली से प्रवाहित कुल आवेश होगा :
1
16π μC
2
32π μC
3
16 μC
4
32 μC