आवृत्ति 100 Hz के ज्वायक्रीय निवेशी सिग्नल के प्रतिचयन के लिए आवृत्ति 500 Hz के आवेगों की तरंगावली का प्रयोग किया जाता है। जिसमें हर शूल स्पंद (spike) की कालिक पृथुता इसके आवर्तकाल की तुलना में उपेक्षणीय है। प्रतिचयित निर्गत
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वियुक्त है, जहां शिखरों के बीच की दूरी प्रतिचयन सिग्नल के आवर्तकाल जितनी है
2
एक ज्या - वक्रीय तरंग है, जिसका आवर्तकाल प्रतिचयन सिग्नल जितना है
3
वियुक्त है, जहां शिखरों के बीच की दूरी निवेशित सिग्नल के आवर्तकाल जितनी है
4
एक ज्या - वक्रीय तरंग है, जिसका आवर्तकाल निवेशी सिग्नल जितना है