द्रव्यमान m का एक परमाणु, जो प्रारंभ में विरामावस्था में था, अनुनादी रूप से फोटॉन का अवशोषण करता है। यह निम्नतम अवस्था से उत्तेजित अवस्था में संक्रमण करता है तथा इसे संवेग प्रक्षेप भी मिलता है। यदि निम्नतम अवस्था तथा उत्तेजित अवस्था की ऊर्जाओं के बीच का अन्तर \(\hbar \Delta\) है, तब अवशोषित फोटॉन की कोणिक आवृत्ति निम्न निकटतम् है
1
\(\Delta\left(1+\frac{3}{2} \frac{\hbar \Delta}{m c^2}\right)\)
2
\(\Delta\left(1+\frac{1}{2} \frac{\hbar \Delta}{m c^2}\right)\)
3
\(\Delta\left(1+\frac{\hbar \Delta}{m c^2}\right)\)
4
\(\Delta\left(1+2 \frac{\hbar \Delta}{m c^2}\right)\)