πका प्रचक्रण 0 तथा आंतर समता ॠणात्मक है। किसी अभिक्रिया में p-तंरग में निम्नतम् ऊर्जा अवस्था (J = 1, समता +1 है) वाले इ्यूट्रॉन द्वारा πका प्रग्रहण p-तंरग में होता है, जिससे न्यूट्रॉन-युग्म (आंतर समता +1) जन्मता है। न्यूट्रॉन उस अवस्था में बकेंगे जिनके लिए

1
l = 1, S = 0
2
l = 0, s = 1
3
l = 1, S = 1
4
l = 0, s = 0

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