जिनोपस के भ्रूण पर निम्न प्रयोगिक हेर-फेर (Manipulation) किए गए।
हेर-फेर X: पराबैगनी विकिरण के सम्पर्कन से वल्कुटीय घुमाव को निरस्त किया गया ।
हेर-फेर Y: गेस्ट्रली को लिथियम क्लोराइड से उपचारित किया, जो विहित Wnt संकेत का प्रतिद्वंदी है।
उपरोक्त हेर-फेर और उभयचरों में पृष्ठीय अधरीय ध्रुवता को शुरू करने में शामिल जीनों के संदर्भ में निम्न कथन बनाए गए हैं।
A. नोगिन को 1-कोशिका भ्रूण में डाल कर हेर-फेर X के द्वारा उत्पन्न लक्षणप्ररूप को बचाया जा सकता है।
B. हेर-फेर से X के भ्रूणों में, हेर-फेर Y की तुलना में कोरडिन mRNA की अधिकता होगी।
C. कोरडिन के CDNA का अधर ब्लास्टोमियर में अंतःक्षेपण एक द्वतीयक अक्ष को प्रेरित करता है।
D. 1- कोशिका भ्रूण में प्रयोगातमक तरीके से β-केटेनिन प्रतिलिपि को एंटीसेंस ऑलिगो-न्यूक्लियोटाइड द्वारा ह्रास करने से हेर-फेर X के समान लक्षणप्ररूप प्राप्त होते हैं।
निम्न विकल्पों में से कौन सा एक सभी सही कथनों को दर्शाता है?