प्रारम्भिक भ्रूण की कोशिकीय विशेषताओं से संबंधित निम्न कथन दिए गऐ हैं:
A. संपूर्ण भूण कभी-कभार अपने वातावरण के साथ परस्पर क्रिया करता है, और उसके विकास की प्रक्षेपवक्र इसके तत्काल पारिस्थितिकतंत्र द्वारा मार्गदर्शित नहीं हो सकता।
B. कोशिकाओं के पृथक्करण पर, कोशिकीय जैवरसायन और कार्य में परिवर्तन, कभी उन प्रक्रियाओं से पहले प्रारम्भ नहीं होते जो कोशिकाओं के निर्धारित प्रारब्ध में शामिल होती हैं।
C. अखंडित भूण में, एक कोशिका या ऊतक का प्रारब्ध को विशिष्ट कहा गया है जब यह, तटस्थ वातावरण जैसे पेट्री डिश या परखनली में रखने के बाद स्वायत विभेदन करने के लिए सक्षम नहीं होते हैं। .
D. यदि कोशिकाएं पृथक की जाएँ, बची हुई कोशिकाऐं की परस्पर क्रिया द्वारा पृथक की गयी कोशिकाओं के प्रारब्ध की क्षतिपूर्ति होती है, क्योंकि कोशिकाओं का प्रारब्ध कोशिकाओं के स्वयं की उपस्थिति की अवस्था पर निर्भर करता है।
नीचे दिखाऐ गऐ प्रयोग के संदर्भ में, जहॉ प्रांरभिक भूण से कोशिकाऐं निकालने पर डिंबक का सामान्य विकास होता है, उपरोक्त कथनों के संयोजन से कौन सा एक जीव के विकास पर लागू होता?