दो छात्रों ने, कोविड-19 रोगियों के सीरम में एंटी-स्पाईक - प्रतिरक्षी की मात्रा मापने के लिए एक ELISA किया। उन्होंने उसी ELISA प्लेट, लेपन, अवरूद्धता, और पहचानने के लिए उसी अभिकर्मक का, और उसी ELISA रीडर का उपयोग किया। दोनों ने उसी स्पाइक प्रोटीन का उपयोग कर अवशोषण बनाम सांद्रता के स्वतंत्र मानक वक्र उत्पन्न किए। छात्र 'A' ने 100 ug/ml सांद्रता की सही रिपोर्ट की, परन्तु छात्र 'B' ने 450ug/ml रिपोर्ट की। निम्न में से कौन, छात्र 'B' के गलत परिणाम की संभवतः व्याख्या कर सकता है?
1
प्रतिजन से लेपन और अवरुद्धता के मध्य, ELISA प्लेट को सही प्रकार से नहीं धोया गया।
2
नमूना (सैंपल) डालने के बाद ELISA प्लेट को सही प्रकार से नहीं धोया गया।
3
छात्र B के द्वारा उत्पन्न मानक वक्र का ढ़लान, आदर्श वक्र से कम था।
4
नकारात्मक नियंत्रण में बहुत कम अवशोषण दिखा ।