संसद अपनी संशोधन शक्ति का उपयोग संविधान के अनुच्छेद- 368 के तहत मूल संरचना अथवा ढाँचे को क्षतिगस्त, निष्प्रभावी, नष्ट, निरस्त, परिवर्तन या हेर-फेर करने के लिए नहीं कर सकती। निम्न में से कौन-सा मामला उपरोक्त कथन से सम्बन्धित है?
1
इंदिरा साहनी बनाम भातीय संघ
2
विशाखा बनाम राजस्थान राज्य
3
चम्पकम दोरैराजन बनाम मद्रास राज्य
4
केशवानन्द भारती बनाम केरल राज्य